
gmedianews24.com/रायपुर : CBI ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को महादेव सट्टेबाजी घोटाले का कथित लाभार्थी बताया है. यह मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की FIR के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसे अब CBI ने अपने केस के रूप में रजिस्टर कर लिया है. FIR में बघेल आरोपी नंबर 6 के रूप में नामित हैं.
क्या है पूरा मामला?
महादेव ऑनलाइन बुक नामक कंपनी का संचालन दुबई से हो रहा था, जिसमें सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी और अनिल कुमार अग्रवाल मुख्य प्रमोटर बताए गए हैं. इस कंपनी का नेटवर्क बड़े कॉल सेंटर्स के जरिए सट्टेबाजी का धंधा चला रहा था और हर महीने करीब 450 करोड़ रुपये की कमाई कर रहा था.
ED की रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रमोटरों ने वानुआतु की नागरिकता ले ली ताकि वे भारतीय कानून से बच सकें. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ये लोग क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसा छिपाने की कोशिश कर रहे थे.
भूपेश बघेल का नाम कैसे जुड़ा?
CBI की FIR में कहा गया है कि महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटरों ने भूपेश बघेल को सट्टेबाजी से मिली रकम का लाभार्थी बताया है. आरोप है कि उनके OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) और राजनीतिक सलाहकार को नियमित रूप से पैसे दिए जाते थे.
ED ने 2023 में रायपुर के एक होटल से आसिम दास नाम के एक कैश कूरियर को गिरफ्तार किया था, जिसके पास से 5.39 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे. दास के मोबाइल से मिले एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में कहा गया था कि यह पैसा ‘मिस्टर बघेल’ के लिए था. दास ने अपनी गवाही में ‘मिस्टर बघेल’ को भूपेश बघेल बताया था.
बघेल ने आरोपों को किया खारिज
CBI की छापेमारी के बाद, भूपेश बघेल ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान महादेव ऐप पर कड़ी कार्रवाई की गई थी.
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 74 FIR दर्ज कराई थीं. 200 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया था. इसके अलावा 2,000 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज किए थे.
बघेल ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘जो कार्रवाई करता है, वह रिश्वत क्यों लेगा.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP से जुड़े लोग महादेव सट्टेबाजी के प्रमोटरों के करीबी हैं और CBI को उनकी भी जांच करनी चाहिए.
CBI की अगली कार्रवाई
CBI का कहना है कि महादेव ऑनलाइन बुक के प्रमोटरों ने सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देकर अपना धंधा चलाने की छूट ली थी. अब CBI इस मामले की जांच कर रही है और अपनी रिपोर्ट विशेष अदालत को सौंपेगी.